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ये दुनिया की सर्वोतम औषधि है "गेंदे का फूल" Marigold

 ये दुनिया की सर्वोतम औषधि है


गेंदे के फूल को दुनिया में सर्वोतम ओषधि में गिना जाता है, ये बहुत ही अच्छी ओषधि है, इसमे इतनी ताकत है कि ये गंभीर से गंभीर चोट को भी ठीक कर देता है।

गेंदे के फूल की चटनी बनाकर उसको घाव पर लगाया जाता है, इस गेंदे के फूल की चटनी को अगर घाव पर लगाया जाए तो बड़े से बड़ा घाव ठीक हो सकता है। और अगर आप ये गेंदे का रस साथ में पीने को दिया जाए तो घाव और जल्दी ठीक होता है।


आजकल तो घर के गमले में भी लोग गेंदे के फूल का पौधा लगाने लगे है, आप भी लगा लीजिए। ये फूल किसी भी प्रकार की चोंट में काम करता है. गेंदे का फूल दुनिया का सबसे बड़ा एंटीसेप्टिक है। इससे अच्छा एंटीसेप्टिक पूरी दुनिया में कोई नहीं है।

और अगर आप गेंदे के फूल की चटनी और कच्ची हल्दी के रस को आपस में मिलाए तो ये बिलकुल सोने पे सुहागे जैसा हो जाता है। बहुत ही अच्छा combination  है गेंदे के फूल और हल्दी का, 

ख़राब से ख़राब घाव हो या पूरा शरीर सड गया हो उसपर पर लगा दीजिये बहुत ही अच्छे रिजल्ट देगा। 


गेंदे के फूल का सबसे बड़ा उपयोग ये है कि शरीर के बाहर किसी भी तरह का घाव या चोट हो, गोली लग गई हो, बम लग गया हो, एक्सीडेंट हो गया हो, उसके घाव को जल्दी भरना हो उसकी सबसे अच्छी ओषधि ये गेंदे का फूल है।

कई बार चोट लग जाती है और कुछ छोटे बहुत ही गंभीर हो जाती है। और अगर किसी डाईबेटिक  मरीज है और चोट लग गयी तो उसका सारा दुनिया जहां एक ही जगह है, क्योंकि जल्दी ठीक ही नही होता है। और उसके लिए कितनी भी कोशिश करे डॉक्टर को हर बार सफलता नहीं मिलती और अंत में वो चोट धीरे धीरे गैंग्रीन (अंग का सड़ जाना) में कन्वर्ट हो जाती है।

और फिर वो अंग काटना पड़ता है, उतने हिस्से को शरीर से निकालना पड़ता  ऐसी परिस्तिथि में एक औषधि है जो गैंग्रीन को भी ठीक करती है और Osteomyelitis (अस्थिमज्जा का प्रदाह) को भी ठीक करती है। गैंग्रीन माने अंग का सड़ जाना, जहाँ पर नई कोशिकाएं विकसित नही होती । 


जिस हिस्से में ये होता है वहाँ बहुत बड़ा घाव हो जाता है और वो ऐसा सड़ता है के डॉक्टर कहता है की इसको काट के ही निकलना है और कोई दूसरा उपाय नही है।

ऐसे परिस्थिति में जहां शरीर का कोई अंग काटना पड़ जाता हो या पड़ने की संभावना हो, घाव बहुत हो गया हो उसके लिए आप एक औषधि अपने घर में तैयार कर सकते है।

औषधि है देशी गाय का मूत्र लीजिये (सूती के आठ परत कपड़ो में छान लीजिये) हल्दी लीजिये और गेंदे के फूल लीजिये । 

गेंदे के फुल की पीला या नारंगी पंखरियाँ निकलना है, फिर उसमे हल्दी डालकर गाय मूत्र डालकर उसकी चटनी बनानी है। 


अब चोट का आकार कितना बढ़ा है उसकी साइज़ के हिसाब से गेंदे के फुल की संख्या तय होगी, अगर चोट छोटे एरिया में है तो एक फुल, काफी है चोट बड़ी है तो दो, तीन,चार अंदाज़े से लेना है।

इसकी चटनी बना के इस चटनी को लगाना है जहाँ पर भी बाहर से खुली हुई चोट है जिससे खून निकल जुका है और ठीक नही हो रहा।

कितनी भी दवा खा रहे है पर ठीक नही हो रहा, ठीक न होने का एक कारण तो है डाईबटिस या दूसरा कोई जैनेटिक कारण भी हो सकते है।

इसको दिन में कम से कम दो बार लगाना है जैसे सुबह लगाके उसके ऊपर रुई पट्टी बांध दीजिये ताकि उसका असर बॉडी पे रहे; और शाम को जब दुबारा लगायेंगे तो पहले वाला धोना पड़ेगा।


इसको गोमूत्र से ही धोना है डेटाल जैसो का प्रयोग मत करिए, गाय के मूत्र को डेटाल की तरह प्रयोग करे। धोने के बाद फिर से चटनी लगा दे। फिर अगले दिन सुबह कर दीजिये।

यह इतना प्रभावशाली है इतना प्रभावशाली है के आप सोच नही सकते देखेंगे तो चमत्कार जैसा लगेगा। किसी का भी जखम किसी भी औषधि से ठीक नही हो रहा है तो ये लगाइए।  यह औषधि पूर्णरूप से ठीक कर देती है।



THANK YOU 😊....


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