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Showing posts from April, 2024

हड्डियों से आती है कट-कट की आवाज ? क्या करे

हड्डियों से आती है कट-कट की आवाज ? क्या करे  क्या आपको कभी अचानक चलने, उठने और बैठने से घुटनों, कूल्हे और कोहनी की हड्डियों की कट-कट की आवाज आई है? क्या यह हड्डियों से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी के लक्षण हैं? बहुत से लोगों को लगता है कि इस प्रकार की आवाज आने का मतलब है कि हड्डियां कमजोर हो चुकी हैं। कई बार लोग इसे जोड़ो से जुड़ा रोग समझ लेते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि हड्डियों में आने वाली इस तरह के आवाज का क्या मतलब है और इसके क्या नुकसान हैं। जोड़ों में इसलिए आती है आवाज जोड़ों से आने वाली आवाज को मेडिकल भाषा में क्रेपिटस कहा जाता है। क्रेपिटस सामान्य लोगों के जोड़ों को हिलाने-डुलाने पर आने वाली ध्वनि का मेडिकल नाम है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जोड़ों के भीतर रहने वाले द्रव में हवा के छोटे बुलबुले फूटते हैं। इन्हीं बुलबुलों के फूटने से यह आवाज पैदा होती है। कई बार जोड़ों के बाहर मौजूद मांसपेशियों के टेंडन या लिगामेंट्स की रगड़ से भी आवाज सुनाई देती है। ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत जोड़ों में हल्की चटकने की आवाज आना ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत हो सकता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस एक तरह का ...

जिसे आप थूकना पसंद करते है, वो अमृत है, सेंकडो बीमारी ठीक करता है

जिसे आप थूकना पसंद करते है, वो अमृत है, सेंकडो बीमारी ठीक करता है। सुबह उठकर क्या क्या किया जाये? आयुर्वेद के हिसाब से आप जब भी सुबह उठे तो सबसे पहले पानी पीयें। यानी कि दिन की शुरुआत आप पानी से करें। इसी चीज़ को “उषापान” कहते हैं। उषापान का मतलब की सुबह चार बजे उठे और उठकर सबसे पहले पानी पीयें। इसके दो कारण है। पहला कारण ये है कि जब हम रात को सोकर सुबह उठते है तो हमारे मुंह में लार की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है। और अगर हम पानी पी लेंगे तो ये लार अंदर चली जाएगी। इसलिए कभी भी सुबह उठकर दांत न धोएं और ना ही कुल्हा करें। क्योंकि ऐसा करने से वह लार बाहर थूकना पड़ जाता है। और सुबह की लार बहुत ज्यादा एल्कलाइन होती है। और शरीर में जाकर काफी सारे लाभ देती है। ये शरीर में जाकर पेट की सभी बिमारियों को खतम कर देगी, कटकी ये एसिड बनने हिनहि देगी। और सभी बीमारियाँ पेट से ही शुरू होती है। बहुत सारे लोगो को आँखों के नीचे डार्क सर्किल हो जाते हैं।  अगर आँखों के नीचे डार्क सर्किल ठीक नही हो रहे है तो सुबह-सुबह की बनी लार को डार्क जगह पर लगा कर हल्की मालिश कीजिये ...

आँखों से चश्मा उतारने और कान की समस्याओ का इलाज

  आँखों से चश्मा उतारने और कान की समस्याओ का इलाज हमारे शरीर का सबसे अधिक आकर्षण वाला हिस्सा ही नहीं, बल्कि सबसे उपयोगी अंग भी है।  इसका सिर्फ खूबसूरत होना तबतक मायने नहीं रखता जबतक कि आपके आंखों की रोशनी भी सलामत न हो, क्योंकि ऐसा नहीं हुआ तो या तो आपकी खूबसूरत आंखों को चश्मे के मोटे-मोटे फ्रेम की नज़र लग जाएगी या फिर लेंस लगाने के झंझटों में फंसे ही रहेंगे। मनुष्य के शरीर में आंखें वह अंग हैं जिसका सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। आंखें वह इन्द्रियां होती हैं जिसके कारण ही हम वस्तुओं को देख सकते हैं। हमारे शरीर की समस्त ज्ञानेन्द्रियों में आंखें सबसे प्रमुख ज्ञानेन्द्रियां हैं।  आंखों के बिना किसी कार्य को करने में हम असमर्थ हो जाते हैं। आंख की तरह ही कान भी शरीर का बहुत महत्वपूर्ण अंग है। लगातार कई घंटों तक काम करने, नींद पूरी न होने या मोबाइल-कम्प्यूटर पर हमेशा नजरें गड़ाए रहने के कारण इन दिनों कम उम्र में ही चश्मा लगने लगा है।  लेकिन आयुर्वेद में ऐसे कई उपाय हैं जो आंखों की रोशनी बढ़ाकर चश्मे का नंबर कम कर सकते हैं या चश्मा भी उतार सकते हैं।  ...

ये दुनिया की सर्वोतम औषधि है "गेंदे का फूल" Marigold

  ये दुनिया की सर्वोतम औषधि है गेंदे के फूल को दुनिया में सर्वोतम ओषधि में गिना जाता है, ये बहुत ही अच्छी ओषधि है, इसमे इतनी ताकत है कि ये गंभीर से गंभीर चोट को भी ठीक कर देता है। गेंदे के फूल की चटनी बनाकर उसको घाव पर लगाया जाता है, इस गेंदे के फूल की चटनी को अगर घाव पर लगाया जाए तो बड़े से बड़ा घाव ठीक हो सकता है। और अगर आप ये गेंदे का रस साथ में पीने को दिया जाए तो घाव और जल्दी ठीक होता है। आजकल तो घर के गमले में भी लोग गेंदे के फूल का पौधा लगाने लगे है, आप भी लगा लीजिए। ये फूल किसी भी प्रकार की चोंट में काम करता है. गेंदे का फूल दुनिया का सबसे बड़ा एंटीसेप्टिक है। इससे अच्छा एंटीसेप्टिक पूरी दुनिया में कोई नहीं है। और अगर आप गेंदे के फूल की चटनी और कच्ची हल्दी के रस को आपस में मिलाए तो ये बिलकुल सोने पे सुहागे जैसा हो जाता है। बहुत ही अच्छा combination  है गेंदे के फूल और हल्दी का,  ख़राब से ख़राब घाव हो या पूरा शरीर सड गया हो उसपर पर लगा दीजिये बहुत ही अच्छे रिजल्ट देगा।  गेंदे के फूल का सबसे बड़ा उपयोग ये है कि शरीर के बाहर किसी भी...

नहाने से पहले गर्दन पर लगायें ये चीजें ! कालापन चला जायेगा

नहाने से पहले गर्दन पर लगायें ये चीजें ! कालापन चला जायेगा। सर्दियों के मौसम में लोग चेहरे को चमकाने के लिए तो कई तरह के जतन करते हैं लेकिन अपनी गर्दन पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते हैं। लंबे समय से गर्दन की अनदेखी करने पर आपकी गर्दन का रंग चेहरे के मुकाबले काला पड़ने लगता है जो देखने में बहुत गंदा लगता है। अगर आपकी गर्दन का रंग भी काला पड़ रहा है तो आप भी इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर अपनी काली गर्दन को गोरा बना सकते हैं। बेकिंग सोडा दो चम्मच बेकिंग पाउडर लें। इसमें पानी मिलाकर  घोल  लें। इसे गर्दन पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। गर्दन का कालापन कुछ दिनों के इस्तेमाल से ही दूर हो जाएगा। कच्चा पपीता कच्चा पपीता काटकर मोटा-मोटा पीस लें। अब पपीते के इस गुदे में गुलाब जल और एक चम्मच दही मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें।इसे गर्दन पर लगाकर कुछ देर ऐसे ही सूखने के लिए छोड़ दें।सप्ताह में एक बार किया गया ये उपाय आपको फायदा देगा। नींबू और शहद नींबू और शहद को एक साथ अच्छे से मिलाकर इस पैक को गर्दन पर लगाकर कुछ देर के लिए ऐस...

मोटापा से जीवनभर के लिए छुटकारा पाए ! इस फार्मूला का पालन करें ii Weight loss

  मोटापा से जीवनभर के लिए छुटकारा पाए ! इस फार्मूला  का पालन करें हमें खाने के डेढ़ घंटे बाद पानी पीना है, ये याद रखे कि डेढ़ घंटे बाद ही पानी पीना है। लेकिन पानी कैसे पीना है, ये बहुत महत्व की बात है। आप अभी सामान्य रूप से पानी कैसे पीते है, एक गिलास पानी भरा मुह में लगाया गट गट गट एक बार में ही पी लिया, गिलास एक बार में ही ख़त्म। कुछ लोग मुंह खोल लेते है, और खोलकर ऊपर से गिराते है. और पानी लगातार गटकते जाते है ये दोनों तरीके बहुत गलत है। अगर आप घट घट घट लगातार पानी पी रहे है तो आपके शरीर में तीन रोग तो जरुर आने वाले है: Appendicitis, दूसरा हर्निया (आंतों का उतरना) और तीसरा Hydrocele। ये हर्निया सबसे ज्यादा उन्ही लोगो को आता है जो पूरा गट गट के एक बार में ही पानी पीते है और जो Hydrocele है ये थोड़ी उम्र के बाद आती है विशेष रूप से ये पुरषों में आती है। मतलब ये कि एक साथ गट गट पानी पीना अच्छा नही है तो आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि पानी कैसे पीना है? आयुर्वेद में पानी पीने का सही तरीका वही बताया गया है जैसे आप चाय पीते है जैसे आप कॉफ़ी पीते है और जैसे आ...