मोटापा दूर करनेके उपाय
मोटापा एक प्रकारका रोग
है,
इसके होनेके दो मुख्य कारण हैं, एक है - वंशगत
। जिनके माता-पिता मोटे होते हैं, उनकी संतान प्रायः
मोटी होती है । दूसरा कारण है-भूखसे अधिक खाना, शारीरिक
श्रम नहीं करना, आरामतलबीका जीवन बिताना । जो लोग खाना खाकर
पड़े रहते हैं, उन्हें मोटापा आ जाता है । मोटापा की पहचान यह है कि जितने इंच शरीरकी
ऊँचाई हो, उतने किलो० शरीरका वजन ठीक है । इससे अधिक होनेपर मोटा
और कम होनेपर पतला कहा जायगा ।
बचपन
और
किशोर
अवस्थामें
दौड़-भाग,
खेल-कूदका
प्राधान्य
होता
है-इस
कारण
शरीरमें
फालतू
चर्बी
जमा
नहीं
हो
पाती,
खर्च
हो
जाती
है
। जो उम्रके
बढ़नेपर
शरीरसे
मेहनत
नहीं
करते
और
कार्बोहाइड्रेट
तथा
अधिक
कैलोरीवाला
आहार
करते
हैं,
उनके
शरीरपर
चर्बी
जमा
होने
लगती
है
। पेट,
कूल्हा,
कमर,
नितम्ब
मोटे
हो
जाते
हैं
। चलने-फिरनेमें
कष्ट
होता
है
। खूनका दौरा
धीमा
पड़
जाता
है
। रक्तवाहिनी
नसोंमें
कोलेस्टेरॉल
जम
जाता
है
। इस कारण
हाई
ब्लडप्रेशर
और
हृदयरोग
हो
जाते
हैं
। शारीरिक श्रम
नहीं
होनेसे
क़ब्ज़
हो
जाता
है-अपच
और
डायबिटीज
हो
जाता
है
। रक्त सञ्चार
ठीक
नहीं
होनेसे
रोग-प्रतिरोधक
शक्ति
घट
जाती
है
। मोटापासे शरीर
बेडौल
हो
जाता
है
। मोटापा एक
घातक
रोग
बन
जाता
है
। मोटापा शुरू
होते
ही
इसको
दूर
करनेके
उपाय
करने
चाहिये
।
मोटापा
दूर
करने
या
इससे
बचनेके
दो
उपाय
हैं,
पहला
है-भोजन-सुधार
और
दूसरा
है-
प्रतिदिन
शारीरिक
श्रम
।
जिन
पदार्थोंमें
कार्बोहाइड्रेट
अधिक
हो
उनका
सेवन
न
करें
। तेल,
घी,
डालडासे
बनी
चीजें
न
खाये
। आलू,
शकरकन्द
और
चीनीसे
बनी
चीजें
न
खाये
। दिनचर्या इस
प्रकार
बनायें-सबेरे
जल्दी
उठें
और
एक
गिलास
कुनकुने
गरम
पानीमें
नीबू
निचोड़कर
उसमें
दो
चम्मच
शुद्ध
मधु
मिलाकर
पी
जायँ
तथा
कुछ
समय
टहले
। हाजत होते
ही
शौचके
लिये
चले
जायँ
। इसके बाद
दातौन-मंजन
कर
टहलनेके
लिये
निकल
जायँ
।
नित्य
तीन-चार
किलोमीटर
अवश्य
टहले
। हलके व्यायाम
कर
सकते
हैं
। नाश्तेमें
रसदार
फल
ले
या
मक्खन
निकला
मट्ठा
ले
। दोपहरके भोजनमें
जौके
आटेकी
एक-दो
- रोटी, उबली
सब्जी,
कच्चा
सलाद
और
सूप
ले
। तीसरे पहर
फलोंका
रस
ले
। रातके भोजनमें
हरी
उबली
सब्जी
और
एक-दो
जौके
आटेकी
रोटी
खाये
।
भोजनके
तुरंत
बाद
पानी
न
पीये
। मोटापा कम
करनेके
लिये
भोजनमें
रोटी
कम
खाये
और
सब्जी,
कच्चा
सलाद
और
सूप
अधिक
ले
। दिनमें न
सोये
।
मोटी
महिलाओंको
घरके
काम
यथासम्भव
स्वयं
करने
चाहिये
।
इस
तरह
मोटापा
नहीं
बढ़ेगा
। शरीरमें ताजगी
और
स्फूर्ति
–
आयेगी
। शरीर सुन्दर,
स्वस्थ
और
कान्तिमान्
बनेगा
। मुख्य क्रोध,
चिन्ता
और
शोक-ये
स्वास्थ्य
और
सौन्दर्यका
नाश
करते
हैं,
अतः
इनसे
बचते
रहें
।
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